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छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी: जस्टिस रंजना देसाई बनाएंगी ड्राफ्ट, महिलाओं को रजिस्ट्री में मिलेगी 50% की भारी छूट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

रायपुर | गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “मास्टरस्ट्रोक” खेला है। कैबिनेट की हालिया बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, रजिस्ट्री शुल्क में कटौती के फैसले से राज्य के राजस्व पर लगभग ₹153 करोड़ का भार आएगा, लेकिन इसे महिलाओं की आर्थिक आजादी के लिए निवेश माना जा रहा है।

1. UCC ड्राफ्टिंग समिति: जस्टिस रंजना देसाई संभालेंगी कमान

राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को हरी झंडी दे दी है।

  • अनुभव का लाभ: जस्टिस देसाई पहले ही उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों के लिए UCC ड्राफ्ट तैयार करने वाली समितियों का नेतृत्व कर चुकी हैं।

  • डिजिटल फीडबैक: समिति आम जनता, सामाजिक संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों से सुझाव लेने के लिए एक वेब पोर्टल भी लॉन्च करेगी।

  • एक देश, एक कानून का लक्ष्य: इस कानून के लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) का स्थान एक समान राज्य कानून ले लेगा।

2. महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: 50% सस्ती होगी रजिस्ट्री

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने संपत्ति के बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का फैसला किया है।

  • आधा शुल्क: अब यदि कोई संपत्ति किसी महिला के नाम पर पंजीकृत की जाती है, तो उसे निर्धारित पंजीकरण शुल्क (Registration Fees) में 50 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी।

  • आर्थिक प्रभाव: इस फैसले से परिवारों में महिलाओं के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने का चलन बढ़ेगा, जिससे उन्हें भविष्य में लोन लेने और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

3. सैनिकों और पूर्व सैनिकों को भी राहत

कैबिनेट ने केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि देश की सेवा करने वाले वीर जवानों के लिए भी बड़ा निर्णय लिया है:

  • सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को ₹25 लाख तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% की छूट दी जाएगी। यह लाभ जीवन में एक बार लिया जा सकेगा।

निर्णय का मुख्य सारांश (Table)

मुख्य निर्णयसंबंधित पक्षमुख्य लाभ/प्रभाव
UCC समिति गठनसभी नागरिककानूनी एकरूपता और सरल न्याय प्रक्रिया।
रजिस्ट्री में 50% छूटमहिला खरीदारआर्थिक सशक्तिकरण और संपत्ति स्वामित्व।
स्टाम्प ड्यूटी में 25% छूटसैनिक व सैन्य परिवारसेवानिवृत्ति के बाद घर बनाने में वित्तीय मदद।
अवैध खनन पर लगामखनन क्षेत्र₹5 लाख तक का जुर्माना और कड़ी पेनल्टी।

आगे की राह

समिति द्वारा तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी सत्रों में पेश किया जाएगा। यदि यह पारित होता है, तो उत्तराखंड के बाद छत्तीसगढ़ UCC लागू करने वाला देश का प्रमुख राज्य बन जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए भी कड़े नियम बनाने और ₹25,000 से ₹5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया है।

निष्कर्ष: ये फैसले दर्शाते हैं कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के साथ-साथ कानूनी सुधारों के मामले में भी आक्रामक रुख अपना रही है। विशेषकर रजिस्ट्री शुल्क में कटौती को मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।