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भारत का लोकतंत्र देखना है, तो दिल्ली जाकर खुद देख लीजिये : अमेरिका

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नई दिल्ली. अमेरिका ने भारत में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र की सेहत को लेकर चिंताओं को खारिज किया है. अमेरिकी सरकार ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जो कोई भी नई दिल्ली जाएगा है वो उसे खुद देख सकता है. व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में राजनीतिक संचार के कोऑर्डिनेटर जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन लोकतंत्र से जुड़ी चिंताओं को व्यक्त करने से नहीं कतराता है. जॉन किर्बी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा करने वाले है. उनकी मेजबानी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जिल बाइडेन करेंगे. उस दौरान 22 जून को एक राजकीय डिनर का भी आयोजन किया जाएगा.

अमेरिका के व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने जॉन किर्बी से राजकीय डिनर के निमंत्रण के पीछे के कारण पूछा. इस पर उन्होंने कहा कि भारत कई स्तरों पर अमेरिका का एक मजबूत भागीदार है. आपने देखा कि शांगरी-ला सचिव (रक्षा, लॉयड) ऑस्टिन ने अब कुछ अतिरिक्त रक्षा सहयोग की घोषणा की है जिसे हम भारत के साथ आगे बढ़ाने जा रहे हैं. हमारे दोनों देशों के बीच बहुत अधिक आर्थिक व्यापार है. व्हाइट हाउस में एनएससी समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा, भारत एक पैसिफिक क्वाड सदस्य और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा के संबंध में हमारा एक खास दोस्त और भागीदार है. भारत निश्चित रूप से दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर मायने रखता है. जो बाइडेन हर जरूरी मुद्दों पर बात करना चाहेंगे, जिसे हमारी दोस्ती को आगे बढ़ाने और गहरा करने में सहयोग करेगा. राष्ट्रपति पीएम मोदी के आने की बहुत उम्मीद कर रहे हैं.

भारत के लोकतंत्र को लेकर एक पत्रकार ने जब जॉन किर्बी से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है. आप अपने जानने वालों से पूछ सकते है कि भारत की क्या स्थिति है. मैं उम्मीद करता हूं कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की ताकत और स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा करना चाहिए. हम इस तरह के मुद्दों पर बात करने से कभी नहीं शर्माते है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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