चंडीगढ़ । शुक्रवार, 22 मई 2026
हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और वर्तमान राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ‘भज्जी’ एक बार फिर सियासी और सोशल मीडिया के गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। कुछ दिनों पहले उनके घर के बाहर ‘गद्दार’ लिखे जाने और पुतला फूंके जाने का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि एक सोशल मीडिया यूजर के कमेंट ने इस आग में घी का काम कर दिया। ‘गद्दार’ शब्द से आहत हरभजन सिंह ने इस बार रक्षात्मक रवैया छोड़ सीधे आक्रामक रुख अख्तियार किया है और ‘आप’ के शीर्ष नेतृत्व पर पंजाब को लूटने व राज्यसभा सीटें बेचने जैसे बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों (जिसमें राघव चड्ढा भी शामिल थे) के पाला बदलकर भाजपा में जाने के बाद से ही पंजाब और दिल्ली की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। पाला बदलने के तुरंत बाद पंजाब में हरभजन सिंह के घर के बाहर ‘आप’ कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन किया गया था और उनके घर के बाहर ‘गद्दार’ लिख दिया गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा हरभजन सिंह को Z+ सुरक्षा कवर (CRPF कमांडो सुरक्षा) भी प्रदान किया गया है।
राजनीतिक घमासान के बीच सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने हरभजन को सीधे तौर पर ‘गद्दार’ कहते हुए कटघरे में खड़ा किया। यूजर ने सवाल पूछा— “जिस लीडर को आप दिन-रात गाली देते रहते हो, आपने उस राज्यसभा सीट से इस्तीफा क्यों नहीं दिया, जो उसी लीडर ने आपको दी थी?”
भज्जी का तीखा पलटवार: “पंजाब की सीटें कितने में बेचीं, मैं बताऊंगा…”
इस तीखे सवाल पर हरभजन सिंह बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने न केवल इस बात का खंडन किया कि उन्होंने किसी नेता को अपशब्द कहे हैं, बल्कि उन्होंने ‘आप’ के अंदरूनी मामलों और टिकटों की खरीद-फरोख्त पर भी बेहद सनसनीखेज खुलासे करने की धमकी दे डाली।
हरभजन सिंह ने जवाब में लिखा:
“सही समय आने पर आपकी हर एक बात का जवाब दिया जाएगा। मैंने आपके किसी भी लीडर को गाली नहीं दी है। मैं अपनी जुबान क्यों गंदी करूं? जो लोग मुझे गद्दार कह रहे हैं उन्हें पहले अपने लोगों से पूछना चाहिए कि पंजाब राज्यसभा सीट कितने में बेची? अगर वे आपको ना बताएं तो मैं बताऊंगा किसको कितना पैसा मिला और किसने दिया। पंजाब को लूटने के लिए और लाला को माल पहुंचाने के लिए कैसे किसी को मंत्री बनाया गया। पंजाब को लूटा और हड़प लिया गया।”
“राजनीतिक पार्टियों के इशारे पर हुआ मेरे घर पर हमला”
हरभजन सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक अन्य यूजर को जवाब देते हुए साफ किया कि उनके घर के बाहर हुड़दंग मचाने वाले आम नागरिक नहीं थे। उन्होंने लिखा:
“वह राजनीतिक पार्टी ही थी, जिसने मेरे घर के बाहर पुतला जलाया और गद्दार लिखा। सामान्य लोग ऐसा नहीं करते हैं। पार्टी के लोगों को ऐसा करने के निर्देश किसने दिए, यह सब जानते हैं। इस देश ने मुझे बहुत सारा प्यार दिया है, 20 साल तक मैंने खेल के मैदान पर रहकर देश का मान बढ़ाया है। आपके लोग सोचते हैं कि वे मेरे नाम के साथ कोई टैग लगा देंगे और वह हमेशा के लिए लगा रह जाएगा। यह उनकी घटिया सोच को दर्शाता है।”
राजनीतिक गलियारों में मंचा हड़कंप
हरभजन सिंह के इस पलटवार ने पंजाब की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। अब तक पार्टी बदलने को केवल एक वैचारिक बदलाव या राजनीतिक फैसला माना जा रहा था, लेकिन हरभजन के बयानों ने साफ कर दिया है कि अंदरूनी स्तर पर मतभेद बेहद गहरे थे। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द जैसे ‘लाला को माल पहुंचाना’ और ‘सीटें बेचना’ सीधे तौर पर पार्टी के शीर्ष कमान के वित्तीय लेन-देन और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘डिफेंस’ मोड छोड़कर ‘अटैक’ मोड में आए भज्जी आने वाले समय में कुछ बड़े दस्तावेजी सबूत भी पेश कर सकते हैं, जो पंजाब की राजनीति की दशा और दिशा बदल सकते हैं।
Matribhumisamachar


