रविवार, सितंबर 20 2026 | 10:24:30 AM

जेएमएम में शामिल हुए झारखंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. भारतीय जनता पार्टी को झारखंड में एक बड़ा झटका लगा है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थाम लिया. साहिबगंज जिले के बरहेट में हूल क्रांति के नायक सिदो-कान्हू की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में वह झामुमो में शामिल हुए.

हेमंत सोरेन ने पार्टी का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया. इस मौके पर राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा और विधायक कल्पना सोरेन सहित झामुमो के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. ताला मरांडी वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राजमहल सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रहे थे. इस चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा. इसके बाद वह संथाल परगना की बोरियो सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया.

ताला मरांडी पूर्व में बोरियो सीट से बीजेपी के विधायक रह चुके हैं. यह दूसरी बार है, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी छोड़ी है. इसके पहले वर्ष 2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे बीजेपी छोड़कर आजसू पार्टी में शामिल हुए थे. इसके बाद वह आजसू के टिकट पर बोरियो से विधानसभा चुनाव भी लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

मरांडी ने 10 अप्रैल की शाम बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को इस्तीफे का पत्र भेजा था. हालांकि, इसकी खबर 11 अप्रैल को सार्वजनिक हुई. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा था कि मैं, ताला मरांडी, भारतीय जनता पार्टी का एक समर्पित सदस्य रहा हूं. पार्टी द्वारा दिए गए अवसरों के लिए मैं आभार प्रकट करता हूं. वर्तमान परिस्थितियों, व्यक्तिगत कारणों एवं वैचारिक मतभेदों के चलते मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तथा सभी पदों से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया हूं. मेरा यह निर्णय गहन विचार-विमर्श के पश्चात लिया गया है और इसमें किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं है. कृपया मेरे त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए मुझे मुक्त किया जाए.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।