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आतंकवादी सैफुल्लाह को पाकिस्तानी झंडे में दी गई सम्मानजनक विदाई, दिखे कई आतंकी

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नई दिल्ली. आतंकवाद और आतंकियों को पालने, संरक्षण देने की बात से पाकिस्तान बेशक इनकार करता रहा है, लेकिन पाकिस्तान की असलियल हर बार किसी न किसी तरीके से उजागर हो जाती है। पाकिस्तान की हकीकत एक बार फिर दुनिया के सामने आई है। एक वीडियो वायरल हुआ है, जो आतंकी रजाउल्लाह निजामानी उर्फ अबू सैफुल्लाह के जनाजे का है, जिसमें कई आतंकी नजर आ रहे हैं। इस वीडियो ने एक बार फिर पाकिस्तान की आर्मी, ISI और पाकिस्तान सरकार को एक्सपोज कर दिया है। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि सैफुल्लाह के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया है। सैफुल्लाह को कल पाकिस्तान (सिंध) में अज्ञात बंदूकधारी ने गोली मार दी थी। भारत का मोस्ट वांटेड सैफुल्लाह नेपाल में आतंकी मॉड्यूल का इंचार्ज था। उसके जनाजे में बीती रात लश्कर के कई आतंकी मौजूद रहे। अब से पहले भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे में आतंकी रउफ, सेना के अधिकारियों और सरकार के नेताओं के शामिल होने वाली तस्वीर वायरल हुई थी।

पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड का करीबी

बता दें कि रजाउल्लाह निजामानी उर्फ अबू सैफुल्लाह जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड का करीबी था। बीते दिन पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले स्थित माटली तालुका में अज्ञात शख्स ने गोलियां मारकर सैफ्ल्लाह की हत्या कर दी थी। आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। सैफुल्लाह लश्कर के सरगना आतंकी हाफिज सईद और सैफुल्लाह खालिद का करीबी था। सैफुल्लाह खालिद ने ही पहलगाम में आतंकी हमले की साजिश रची थी। सैफुल्लाह को विनोद कुमार उर्फ मोहम्मद सलीम उर्फ खालिद उर्फ वनियाल उर्फ वाजिद उर्फ सलीम भाई के नाम से भी जाना जाता था। है। आतंकी सैफुल्लाह नेपाल में लश्कर-ए-तैयबा टॉप कमांडर और हैंडलर था। नेपाल के रास्ते आतंकियों को भारत में भेजता था। वह नेपाल में लश्कर का सारा काम संभालता था। नेपाल में उसका काम लश्कर की आतंकवादी गतिविधियां कराने के लिए लोगों की भर्ती करना, उन्हें ट्रेनिंग देना और आर्थिक मदद उपलब्ध कराना था।

सैफुल्लाह खालिद और अबू सैफुल्लाह ने साल 2001 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में CRPF कैंप पर हमले की साजिश रची थी। RSS मुख्यालय नागपुर पर साल 2006 में हुए आतंकी हमले की साजिश भी दोनों ने मिलकर रची थी।

साभार : न्यूज24

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