चंडीगढ़ | बुधवार, 1 अप्रैल 2026
पंजाब के होशियारपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। नूरपुर जट्टन गांव में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को एक बार फिर उपद्रवियों ने निशाना बनाया है। इस घटना ने न केवल दलित समुदाय में भारी रोष पैदा कर दिया है, बल्कि राज्य की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
📍 सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिमा को पहुँचाया नुकसान
मंगलवार (31 मार्च) की सुबह ग्रामीणों ने देखा कि गांव की एक इमारत की छत पर लगी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त थी।
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हमले का तरीका: प्रतिमा को मजबूत कांच के आवरण (Toughened Glass) के अंदर रखा गया था। उपद्रवियों ने कांच तोड़कर लोहे की रॉड से प्रतिमा के चेहरे और अंगों को नुकसान पहुँचाया।
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पुरानी रंजिश या साजिश? गौरतलब है कि पिछले साल जून 2025 में भी इसी प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसके बाद इसकी सुरक्षा के लिए कांच का केबिन बनाया गया था।
पंजाब की पिछली घटनाएं: पंजाब में प्रतिमाओं के अपमान की पिछली घटनाओं पर एक नज़र
📽️ SFJ और पन्नू का ‘वीडियो दावा’
घटना के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ। इसमें प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इस तोड़फोड़ की जिम्मेदारी ली है।
पुलिस का बयान: गढ़शंकर के डीएसपी दलजीत सिंह खाख ने बताया कि पन्नू और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, वीडियो की तकनीकी जांच जारी है ताकि इसकी सत्यता की पुष्टि की जा सके।
⚖️ 72 घंटे की डेडलाइन और बसपा का शक्ति प्रदर्शन
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष अवतार सिंह करीमपुरी ने कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को चेतावनी दी है:
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अल्टीमेटम: आरोपियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए।
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महासम्मेलन: गिरफ्तारी न होने पर 18 अप्रैल को गांव में विशाल जनसभा और राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है।
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आरोप: करीमपुरी ने इसे दलित भाईचारे को डराने और पंजाब का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया।
🛡️ राजनीतिक घेराबंदी और सुरक्षा अलर्ट
घटना के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है:
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सुनील जाखड़ (भाजपा अध्यक्ष): उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है। उन्होंने इसे विदेशी ताकतों द्वारा पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश बताया।
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पुलिस कार्रवाई: इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। चूंकि घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, इसलिए पुलिस अब गांव के एंट्री पॉइंट्स और हाईवे के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
⚠️ क्या है वर्तमान स्थिति?
फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से प्रतिमा के पास गार्ड तैनात कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सोशल मीडिया अफवाह पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।
Matribhumisamachar


