मुंबई | गुरुवार, 7 मई 2026
भक्ति और संगीत की दुनिया में ‘कैसेट किंग’ के नाम से मशहूर गुलशन कुमार का माता वैष्णो देवी के प्रति प्रेम किसी से छिपा नहीं था। आज उनके निधन के दशकों बाद भी, उनकी बेटी और प्रसिद्ध गायिका तुलसी कुमार उसी परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही हैं। हाल ही में तुलसी कुमार अपनी माता के दरबार में हाजिरी लगाने कटरा पहुंचीं, जहाँ उन्होंने न केवल मत्था टेका बल्कि अपने पिता के हाथों शुरू हुई सेवा में खुद हाथ भी बंटाया।
भंडारे में सेवा और भावुक पल
बुधवार को तुलसी कुमार ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक हृदयस्पर्शी वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वह अपने नन्हे बेटे के साथ वैष्णो देवी के रास्ते में चलने वाले पारिवारिक लंगर में भक्तों को प्रसाद बांटती नजर आ रही हैं।
तुलसी ने लिखा:
“कटरा में मां वैष्णो देवी का यह लंगर पापा ने लगभग 43 साल पहले शुरू किया था। आज भी इसे उसी निस्वार्थ प्रेम और आस्था के साथ चलते देख दिल आभार से भर जाता है। पापा के दिखाए रास्ते पर चलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी पूजा है।”
Alt Text: गायिका तुलसी कुमार और उनका बेटा कटरा में वैष्णो देवी लंगर में भक्तों को भोजन कराते हुए।
गुलशन कुमार: जब अंडरवर्ल्ड की धमकी के आगे नहीं झुके ‘भक्त’
गुलशन कुमार की आस्था के किस्से आज भी कटरा की गलियों में सुनाए जाते हैं। कहा जाता है कि जब टी-सीरीज की सफलता के चरम पर अंडरवर्ल्ड ने उनसे करोड़ों की फिरौती मांगी, तो उन्होंने निडर होकर कहा था— “मैं 10 करोड़ रुपये फिरौती में देने के बजाय वैष्णो देवी में भंडारा करवा दूंगा, लेकिन गलत हाथों में पैसा नहीं दूंगा।”
उन्होंने कटरा में तीर्थयात्रियों के लिए न केवल मुफ्त भोजन (लंगर) की व्यवस्था की, बल्कि भक्तों के ठहरने और विश्राम के लिए कई महत्वपूर्ण इंतजाम भी करवाए थे।
दुखद अंत पर अमर विरासत
अगस्त 1997 में मुंबई के एक मंदिर के बाहर गुलशन कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई थी। हालांकि उनकी मृत्यु ने संगीत जगत को एक बड़ा घाव दिया, लेकिन उनके बच्चों—भूषण कुमार, तुलसी कुमार और खुशहाली कुमार—ने सुनिश्चित किया कि उनके पिता द्वारा शुरू किए गए परोपकारी कार्य कभी न रुकें।
Matribhumisamachar


