अयोध्या | रविवार, 12 अप्रैल 2026
रामलला की नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं को अब केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक का एक अनूठा अनुभव भी मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में बन रही 7D गैलरी अब अपने अंतिम चरण में है। शनिवार को राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में IIT Chennai के विशेषज्ञों ने इस गैलरी का एक विशेष डेमो पेश किया, जिसे समिति ने भव्य और प्रेरणादायक बताते हुए हरी झंडी दे दी है।
हनुमानजी के पराक्रम को जीवंत करेगी 7D तकनीक
संग्रहालय की इस बहुप्रतीक्षित गैलरी में भगवान हनुमान के जीवन प्रसंगों को अत्याधुनिक 7D विजुअल इफेक्ट्स के साथ दिखाया जाएगा। दर्शकों को न केवल दृश्य दिखाई देंगे, बल्कि विशेष ‘सेंसरी इफेक्ट्स’ (जैसे हवा का झोंका, बारिश की बूंदें, गंध और कंपन) के जरिए ऐसा महसूस होगा जैसे वे स्वयं उस कालखंड का हिस्सा हैं।
इस गैलरी की पटकथा (Script) को अंतिम रूप दिया जा चुका है, जिसमें हनुमानजी के जन्म से लेकर लंका दहन और राम-रावण युद्ध में उनकी भूमिका को प्राथमिकता दी गई है।
संग्रहालय की अन्य मुख्य विशेषताएं:
-
20 थीम आधारित दीर्घाएं: पूरे संग्रहालय को 20 अलग-अलग सेक्शन में बांटा गया है। इसमें इक्ष्वाकु वंश के इतिहास से लेकर वर्तमान राम मंदिर के 500 वर्षों के संघर्ष की गाथा प्रदर्शित की जाएगी।
-
दुर्लभ पुरावशेषों का प्रदर्शन: राम जन्मभूमि परिसर की खुदाई के दौरान मिले प्राचीन स्तंभ, मूर्तियां और शिलालेख भी इस संग्रहालय की शोभा बढ़ाएंगे।
-
IIT का तकनीकी सहयोग: पूरी परियोजना में IIT मद्रास (चेन्नई) और प्रमुख तकनीकी फर्में सलाहकार के रूप में कार्य कर रही हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान किया जा सके।
निर्माण समिति की बैठक में कार्यों की समीक्षा
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने Larsen & Toubro (L&T) के कार्यालय में आयोजित बैठक में चल रहे कार्यों की प्रगति जांची। उन्होंने निर्देश दिए कि:
-
परकोटा (बाउंड्री वॉल): मंदिर के चारों ओर बन रहे सुरक्षा घेरे और परिक्रमा पथ का कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो।
-
श्रद्धालु सुविधाएं: गर्मी के मौसम को देखते हुए परिसर में छाया और पेयजल की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाए।
-
अगली समयसीमा: मंदिर से जुड़े प्रमुख निर्माण कार्यों को 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद रखरखाव की जिम्मेदारी ट्रस्ट को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
महत्वपूर्ण तथ्य: अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का यह जीर्णोद्धार न केवल अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को सहेजेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी को डिजिटल माध्यम से ‘राम राज्य’ और रामायण की शिक्षाओं से जोड़ेगा।
Matribhumisamachar


