लखनऊ । सोमवार, 14 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस कांस्टेबल को ‘हनीट्रैप’ में फंसाकर न केवल उसका धर्म परिवर्तन कराया गया, बल्कि उससे करीब ₹17 लाख की मोटी रकम भी ऐंठ ली गई। बागपत पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली की रहने वाली मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
🛑 हनीट्रैप से जेल तक: कैसे बुना गया साजिश का जाल?
पीड़ित कांस्टेबल श्रीकांत (35 वर्ष) वर्तमान में बागपत में तैनात हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह साजिश तब शुरू हुई जब वह गाजियाबाद में तैनात थे। पत्नी की मृत्यु के बाद श्रीकांत अकेलेपन से जूझ रहे थे, जिसका फायदा उठाते हुए दिल्ली की रहने वाली 30 वर्षीय हिना उर्फ मुब्बासरीन ने उनसे दोस्ती की।
रिश्ते में कड़वाहट आने के बाद, साल 2021 में हिना ने श्रीकांत पर रेप का केस दर्ज कराया, जिसके कारण उन्हें जेल जाना पड़ा और उनकी नौकरी पर भी संकट आ गया।
🕌 ‘मुस्लिम बनो तभी केस वापस लूंगी’
जेल से बाहर आने के बाद जब कांस्टेबल ने अपना करियर बचाने के लिए महिला से समझौता करना चाहा, तो हिना ने एक चौंकाने वाली शर्त रखी। आरोप है कि महिला ने कहा कि यदि श्रीकांत इस्लाम धर्म कबूल कर लेते हैं, तभी वह कोर्ट में अपने बयान बदलेगी और अपने पहले पति को छोड़कर उनसे निकाह करेगी।
धर्मांतरण और ठगी का खेल:
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दबाव में धर्मांतरण: नौकरी और सम्मान बचाने के लिए कांस्टेबल ने धर्म परिवर्तन किया और कई इस्लामी धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
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लाखों की वसूली: धर्म परिवर्तन के बाद भी आरोपी महिला और उसके साथियों का मन नहीं भरा। उन्होंने केस वापस लेने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में कांस्टेबल से ₹17 लाख हड़प लिए।
⚖️ यूपी पुलिस की सख्त कार्रवाई और धाराएं
जब कांस्टेबल को अहसास हुआ कि उन्हें ठगा जा रहा है और महिला का केस वापस लेने का कोई इरादा नहीं है, तब उन्होंने बागपत पुलिस में इसकी लिखित शिकायत की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिना को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा:
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
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धर्मांतरण निषेध कानून: जबरन या प्रलोभन देकर धर्म बदलवाना।
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आपराधिक धमकी: डरा-धमकाकर वसूली करना।
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धार्मिक भावनाएं आहत करना: धर्म का इस्तेमाल ठगी के लिए करना।
🔍 आगे की जांच: क्या कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है?
बागपत पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में हिना के कुछ अन्य साथी भी शामिल हैं, जो उसे कानूनी और वित्तीय सलाह दे रहे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी अन्य सरकारी कर्मचारियों को इसी तरह निशाना बनाया है।
अधिकारी का कथन: “मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर महिला को जेल भेज दिया गया है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।”
Matribhumisamachar


