इस्लामाबाद. भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक कड़वाहट अब आसमान तक पहुँच गई है। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए भारतीय पंजीकृत विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) पर लगे प्रतिबंध को 23-24 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है।
अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद उपजे तनाव के कारण लगाया गया यह प्रतिबंध अब अपने लगातार 11वें महीने में प्रवेश कर चुका है।
📍 प्रतिबंध का मुख्य केंद्र
यह पाबंदी पाकिस्तान के दोनों प्रमुख फ्लाइट इंफॉर्मेशन क्षेत्रों (FIRs) पर लागू होगी:
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कराची FIR
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लाहौर FIR
इसका सीधा अर्थ यह है कि कोई भी भारतीय नागरिक या सैन्य विमान पाकिस्तान की सीमा के ऊपर से उड़ान नहीं भर सकेगा। जानकारों का मानना है कि भारत भी ‘जैसे को तैसा’ की नीति अपनाते हुए जल्द ही पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपने दरवाजे बंद रखने की समय सीमा बढ़ा सकता है।
💸 भारतीय एयरलाइंस पर ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’
इस हवाई पाबंदी ने भारतीय विमानन क्षेत्र की कमर तोड़ दी है। रिपोर्ट के अनुसार:
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बढ़ा सफर, बढ़ी लागत: यूरोप और अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स को अब अरब सागर के रास्ते लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। इससे उड़ान के समय में 15 मिनट से लेकर 3 घंटे तक की बढ़ोतरी हुई है।
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7,000 करोड़ का बोझ: ईंधन की भारी खपत और ऑपरेशनल खर्चों के कारण भारतीय एयरलाइंस को सालाना करीब $1 बिलियन (₹7,000 करोड़) का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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सुनसान हुए एयरपोर्ट: सीमावर्ती इलाकों, विशेषकर अमृतसर हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में 21% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
⚠️ यात्रियों के लिए क्या बदला?
यदि आप आने वाले महीनों में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो तैयार रहें:
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महंगे टिकट: ईंधन की अतिरिक्त लागत का सीधा असर फ्लाइट टिकट की कीमतों पर दिख रहा है।
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कनेक्टिंग फ्लाइट्स में देरी: लंबे रूट के कारण कई बार कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस होने का डर बना रहता है।
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