मुंबई | सोमवार, 20 अप्रैल, 2026
मुंबई की राजनीति में एक बार फिर ‘जिहाद’ शब्द ने हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने मुंबई में चल रहे अवैध स्कूलों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘स्कूल जिहाद’ करार दिया है। सोमैया का दावा है कि शहर में शिक्षा की आड़ में सरकारी जमीनों को हड़पने का एक बड़ा संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है।
164 अवैध स्कूल और ‘लैंड जिहाद’ का कनेक्शन
सोमैया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीएमसी की लिस्ट का हवाला देते हुए सनसनीखेज आंकड़े पेश किए। उनके अनुसार:
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मुंबई में कुल 164 स्कूल पूरी तरह अवैध रूप से बिना किसी सरकारी अनुमति के चल रहे हैं।
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इनमें से 152 स्कूल मुस्लिम बहुल इलाकों जैसे मानखुर्द, गोवंडी, कुर्ला और मालवणी में स्थित हैं।
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सोमैया ने इन क्षेत्रों को ‘मिनी बांग्लादेश’ संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि यहाँ भू-माफिया सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
शिक्षा के नाम पर धार्मिक एजेंडे का आरोप
भाजपा नेता ने केवल जमीन कब्जे की बात नहीं की, बल्कि इन स्कूलों के स्वरूप पर भी सवाल उठाए। उनके दावों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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ढांचा परिवर्तन: कई जगहों पर स्कूल के नाम पर इमारतें खड़ी की गईं और बाद में उन्हें मस्जिद या धार्मिक केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।
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शिक्षा का माध्यम: अवैध बताए गए स्कूलों में 145 इंग्लिश मीडियम, 11 उर्दू, 4 हिंदी और 4 मराठी मीडियम स्कूल शामिल हैं।
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सुरक्षा का अभाव: इन स्कूलों के पास न तो बीएमसी की मंजूरी है और न ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC)।
प्रमुख क्षेत्रों का विवरण (सोमैया के अनुसार)
| क्षेत्र | स्थिति और आरोप |
| गोवंडी और मानखुर्द | सबसे अधिक अवैध स्कूलों की मौजूदगी; सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण। |
| मालवणी (मलाड) | जनसांख्यिकीय बदलाव और ‘लैंड जिहाद’ का केंद्र होने का दावा। |
| कुर्ला | बिना फायर सेफ्टी और कागजातों के स्कूल संचालन। |
दो हफ्ते में शुरू होगी कार्रवाई
सोमैया ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले को लेकर शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने बीएमसी प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की है।
“मुंबई में पहले कॉर्पोरेट जिहाद और लैंड जिहाद चल रहा था, अब ‘स्कूल जिहाद’ के जरिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि अगले दो हफ्तों में इन अवैध ढांचों को गिराने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो बीएमसी मुख्यालय के बाहर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।” – किरीट सोमैया
प्रशासन और विपक्ष की प्रतिक्रिया
फिलहाल बीएमसी के शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों की सूची की पुष्टि तो की है, लेकिन ‘जिहाद’ जैसे शब्दों पर टिप्पणी करने से परहेज किया है। वहीं, विपक्षी दलों ने सोमैया के इन बयानों को आगामी चुनावों से प्रेरित ध्रुवीकरण की राजनीति बताया है।
छात्रों का क्या होगा? शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन 164 स्कूलों को अचानक बंद किया गया, तो हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो सकता है। अभिभावकों में इस खबर के बाद से भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल है।
Matribhumisamachar


