भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में क्राइम कंट्रोल और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। शहर के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में संचालित एक स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे कथित देह व्यापार गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों के पास से मिले डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि यह नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है।
रोजगार के नाम पर युवतियों का शोषण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद युवतियों को निशाना बनाते थे। उन्हें ब्यूटी पार्लर या स्पा सेंटर में अच्छे वेतन वाले ‘रोजगार का झांसा’ देकर बुलाया जाता था।
एक बार युवतियां इनके चंगुल में फंस जाती थीं, तो उनका विश्वास जीतकर या मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अवैध गतिविधियों के दलदल में धकेल दिया जाता था।
डिजिटल साक्ष्य: व्हाट्सएप ग्रुप्स में छिपे हैं ‘सफेदपोश’ चेहरे
डीसीपी (जोन-2) विवेक सिंह के नेतृत्व में चल रही इस जांच का सबसे अहम पहलू आरोपितों के मोबाइल फोन हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार:
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मोबाइल में कई ऐसे संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें दूसरे शहरों के एजेंट और ग्राहक जुड़े हुए हैं।
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इन ग्रुप्स के जरिए युवतियों की तस्वीरें साझा की जाती थीं और ‘बुकिंग’ की जाती थी।
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पुलिस अब इन ग्रुप्स के एडमिन और सक्रिय सदस्यों की कुंडली खंगाल रही है, जिससे कई बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है।
अदालत में दर्ज हुए पीड़िताओं के बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को पुलिस ने दो पीड़िताओं को अदालत में पेश किया, जहाँ उनके धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए गए। सूत्रों का कहना है कि युवतियों ने गिरोह के काम करने के तरीके और इसमें शामिल कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इन बयानों के आधार पर एफआईआर में नई धाराएं और नए आरोपितों के नाम जोड़े जा सकते हैं।
पुलिस की ‘स्पेशल टीम’ दूसरे राज्यों के लिए रवाना
जांच के तार अब भोपाल से बाहर इंदौर, ग्वालियर और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके।
“हमारी टीमें सक्रिय हैं और अन्य शहरों में दबिश दी जा रही है। डिजिटल साक्ष्य इस पूरे रैकेट की रीढ़ हैं, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस नेटवर्क से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बच न सके।” — विवेक सिंह, डीसीपी जोन-2
स्पा सेंटरों पर पुलिस की सख्त नजर
इस घटना के बाद भोपाल पुलिस ने शहर के अन्य इलाकों में संचालित स्पा सेंटरों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के काम करने वाले कर्मचारियों और संदिग्ध गतिविधियों वाले केंद्रों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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