कानपुर. उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। पिछले कई दिनों से आसमान छूती कीमतों के बीच आई इस गिरावट ने निवेशकों और आम ग्राहकों के चेहरे पर थोड़ी मुस्कान ला दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार (Global Market) में आए बदलावों का सीधा असर स्थानीय कीमतों पर पड़ा है।
24 कैरेट सोने की कीमतों में ₹110 की कमी
ताज़ा अपडेट के अनुसार, कानपुर में 24 कैरेट (शुद्ध सोना) की कीमत में ₹110 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव ₹1,61,720 पर पहुंच गया है। वहीं, आभूषण बनाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹100 घटकर ₹1,48,250 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
आज के ताज़ा भाव: एक नज़र में (प्रति 10 ग्राम)
| सोने की श्रेणी | आज का भाव (₹) | कल के मुकाबले गिरावट |
| 24 कैरेट (शुद्ध सोना) | ₹1,61,720 | ₹110 ▼ |
| 22 कैरेट (जेवर सोना) | ₹1,48,250 | ₹100 ▼ |
| 18 कैरेट (लो-कैरेट) | ₹1,21,330 | ₹80 ▼ |
चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव
सोने के साथ-साथ चांदी के खरीदारों के लिए भी खबर महत्वपूर्ण है। कानपुर के बाजार में आज चांदी का भाव ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम रहा। फुटकर बाजार में प्रति 10 ग्राम चांदी की अनुमानित कीमत ₹2,850 के आसपास बनी हुई है। औद्योगिक मांग में थोड़ी कमी आने के कारण चांदी की कीमतों में यह स्थिरता देखी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों की राय: क्यों गिरे दाम?
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। कानपुर के वरिष्ठ सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि “वैश्विक स्तर पर कीमतों में सुधार (Correction) होने से स्थानीय बाजार में दाम गिरे हैं, लेकिन लंबी अवधि में निवेश के लिहाज से सोना अभी भी सबसे सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।”
खरीदारी से पहले इन 3 बातों का रखें खास ध्यान
यदि आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो इन तकनीकी पहलुओं को नज़रअंदाज़ न करें:
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BIS हॉलमार्क अनिवार्य: ₹1.6 लाख के पार पहुंचे सोने के दौर में शुद्धता सबसे अहम है। हमेशा 6 अंकों वाले HUID (Hallmark Unique Identification) कोड वाले गहने ही खरीदें।
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अतिरिक्त शुल्क का गणित: ध्यान रखें कि ऊपर दी गई कीमतें सांकेतिक हैं। इन पर 3% GST, मेकिंग चार्जेस और लागू होने पर TCS अलग से देना होगा।
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मेकिंग चार्जेस पर मोलभाव: अलग-अलग शोरूम में मेकिंग चार्जेस 8% से लेकर 20% तक हो सकते हैं। खरीदारी करते समय इस पर मोलभाव (Bargaining) जरूर करें।
भले ही गिरावट छोटी हो, लेकिन 2026 के उच्च स्तरों के बीच यह निवेशकों के लिए खरीदारी का एक छोटा ‘विंडो’ हो सकता है। शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए आने वाले दिनों में मांग बढ़ने पर कीमतें पुनः बढ़ सकती हैं।
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