जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अक्खाल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रही. यह इस साल का अब तक का सबसे लंबा आतंकरोधी अभियान बन चुका है. सुरक्षाबल घने जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश कर रहे हैं और उन्हें खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, इलाके में कम से कम आठ आतंकी मौजूद हैं, जिन्होंने जंगल में तीन अलग-अलग जगह पोजीशन बना रखी है. यह इलाका बेहद कठिन है, जहां घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और चरागाहें हैं, जिससे अभियान में मुश्किलें आ रही हैं.
इस अभियान की शुरुआत पिछले शुक्रवार को हुई थी. अब तक की कार्रवाई में तीन आतंकियों के मारे जाने की सूचना है. वहीं, चार सुरक्षाकर्मी बुधवार तक घायल हो चुके थे. गुरुवार को भी रुक-रुककर गोलीबारी होती रही और तीन और जवान घायल हुए. सभी घायलों को अस्पताल में इलाज मिल रहा है. अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारी लगातार कर रहे हैं. पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने गुरुवार को कुलगाम पहुंचकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की और अभियान की स्थिति का जायजा लिया.
आतंकियों को ढूंढने और उन पर सटीक हमला करने के लिए सुरक्षाबल ड्रोन और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं. बुधवार को दिनभर आतंकियों की तरफ से कोई गोलीबारी नहीं हुई थी, लेकिन शाम होते ही उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाबल पूरे इलाके को घेरकर कदम-दर-कदम आगे बढ़ रहे हैं ताकि आतंकियों के भागने की कोई संभावना न रहे. यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी आतंकियों को ढूंढकर मार नहीं दिया जाता.
यह मुठभेड़ न केवल इस साल की सबसे लंबी है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में सबसे कठिन अभियानों में से एक मानी जा रही है, क्योंकि दुर्गम भूभाग और मौसम की चुनौतियां इसे और जटिल बना रही हैं.
साभार : जी न्यूज
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