सासनी (हाथरस) | 3 अप्रैल, 2026
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सासनी कोतवाली परिसर अब न केवल कानून व्यवस्था का केंद्र है, बल्कि आस्था और भक्ति का भी नया केंद्र बन गया है। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर कोतवाली परिसर स्थित 27 साल पुराने प्राचीन मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार (Renovation) कर वहां विभिन्न देवी-देवताओं की नई प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान से पूरा पुलिस प्रशासन और स्थानीय क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
1997 से स्थापित था मंदिर, अब मिला ‘दिव्य’ रूप
यह मंदिर वर्ष 1997 में पुलिस कर्मियों और स्थानीय भक्तों द्वारा स्थापित किया गया था। लंबे समय से उचित रखरखाव न होने के कारण इसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी थी। मंदिर की इस हालत को देखते हुए हाथरस के पुलिस अधीक्षक (SP) चिरंजीव नाथ सिन्हा ने इसके पुनरुद्धार की प्रेरणा दी।
प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने इस संकल्प को मिशन के रूप में लिया और पुलिस परिवार व स्थानीय नागरिकों के जनसहयोग से मंदिर को एक नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
शिखर और दरबार: क्या है नया?
जीर्णोद्धार के बाद मंदिर की वास्तुकला में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं:
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भव्य शिखर निर्माण: मंदिर के ऊपर एक ऊंचे और कलात्मक शिखर का निर्माण कराया गया है, जो दूर से ही दिखाई देता है।
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नई प्रतिमाओं की स्थापना: मंदिर में माँ दुर्गा की दिव्य प्रतिमा, खाटू श्याम जी का भव्य दरबार और भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक मूर्तियों की वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई।
अधिकारियों ने दी आहुतियां, सुख-शांति की कामना
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ SP चिरंजीव नाथ सिन्हा और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) रामानंद कुशवाहा ने किया। आचार्यों द्वारा संपन्न कराए गए हवन-पूजन में पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण विधि-विधान से आहुतियां दीं। इस दौरान अधिकारियों ने जनपद में शांति, सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थना की।
प्रमुख उपस्थित जन:
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क्षेत्राधिकारी (CO): योगेंद्र कृष्ण नारायण
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SDM: नीरज शर्मा
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अन्य: पुलिस विभाग के कर्मचारी, भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और सासनी क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिक।
भंडारे के साथ संपन्न हुआ उत्सव
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस कर्मियों और क्षेत्र से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि, “यह कार्य केवल ईंट-पत्थरों का निर्माण नहीं है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सद्भाव का एक सेतु है।”
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