तेहरान. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच शुरू हुई तनातनी अब खाड़ी देशों (Gulf Countries) तक फैल गई है, जिससे पूरी दुनिया पर तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने न केवल इजरायल, बल्कि सऊदी अरब के रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मचा दिया है।
🚀 सऊदी अरब और इजरायल पर ईरान का भीषण प्रहार
ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए सऊदी अरब की राजधानी रियाद और पूर्वी प्रांतों में बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पहली बार सऊदी की जमीन पर इस संघर्ष के कारण जान-माल का इतना बड़ा नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर, इजरायल पर 200 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागी गई हैं। हालांकि इजरायल की ‘आयरन डोम’ और ‘एरो’ रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कुछ मिसाइलें इजरायली वायु सेना के मुख्यालय और महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों पर गिरने में सफल रहीं।
विश्व समाचार: matribhumisamachar.com/world-news/iran-israel-conflict-updates
🛢️ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बना युद्ध का केंद्र
इस पूरे संकट का सबसे खतरनाक पहलू Strait of Hormuz का प्रभावित होना है।
-
महत्व: दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20% इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरता है।
-
खतरा: युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं। अगर यह मार्ग बंद होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
अर्थव्यवस्था: matribhumisamachar.com/business/petrol-diesel-price-hike-india
🇮🇳 भारत पर सीधा असर: LPG और खाने का तेल महंगा
पश्चिम एशिया की इस आग की तपिश भारत की रसोई तक पहुँच गई है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से भारत में निम्नलिखित बदलाव देखे जा रहे हैं:
-
LPG सिलेंडर: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹60 से ₹114 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
-
खाने का तेल: आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी आई है।
-
पेट्रोल-डीजल: यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।
⚖️ ईरान में सत्ता परिवर्तन: मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की चर्चा
युद्ध के बीच ईरान के आंतरिक गलियारों से बड़ी खबर आ रही है। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के पुत्र मुजतबा खामेनेई को अगला उत्तराधिकारी बनाए जाने की खबरें तेज हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में यह बदलाव ईरान की विदेश नीति को और अधिक आक्रामक बना सकता है।
संपादकीय: matribhumisamachar.com/editorial/third-world-war-possibility
⚠️ वैश्विक समीकरण और चीन की भूमिका
युद्ध के बीच चीन की एंट्री ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट है कि चीन से मिसाइल निर्माण सामग्री लेकर दो जहाज ईरान की ओर रवाना हुए हैं। जवाब में, अमेरिका ने तुर्किए और सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है, जो इस बात का संकेत है कि अमेरिका किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की तैयारी में है।
युद्ध के आंकड़े (28 फरवरी से अब तक):
कुल मौतें: 1,332+
घायल: हजारों की संख्या में
राजनयिक क्षति: 4 ईरानी राजनयिकों की मौत
विशेषज्ञों की मानें तो यह युद्ध अब केवल दो देशों के बीच की लड़ाई नहीं रहा। यदि सऊदी अरब के तेल कुओं और होर्मुज की खाड़ी पर हमले जारी रहे, तो दुनिया को 1970 के दशक जैसे तेल संकट का सामना करना पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती पेश करती है—अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखना और बढ़ती महंगाई को रोकना।
Matribhumisamachar


