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बड़ी खबर: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी, जानें कब होगी ‘प्रथम पूजा’

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बर्फ से बने बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा का भव्य दृश्य - अमरनाथ यात्रा 2026

जम्मू. बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर है! साल 2026 की श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में बोर्ड ने यात्रा मार्ग पर लंगर सेवा देने के इच्छुक धार्मिक और सामाजिक संगठनों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

📅 लंगर सेवा के लिए 25 मार्च तक का समय

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराने वाले संगठनों के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। इच्छुक संगठन 25 मार्च 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

आवेदन के लिए अनिवार्य दस्तावेज और विवरण:

  • पंजीकरण प्रमाण: सोसायटी या ट्रस्ट का वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट।

  • अनुभव: पूर्व के वर्षों में लंगर संचालन का ट्रैक रिकॉर्ड।

  • सेवादारों की सूची: लंगर में तैनात होने वाले वालंटियर्स की सटीक संख्या।

  • वित्तीय विवरण: पिछले वर्षों का ऑडिटेड अकाउंट (यदि बोर्ड द्वारा मांगा जाए)।

पंजीकरण प्रक्रिया के लिए: matribhumisamachar.com/amarnath-yatra-registration-guide

🛕 29 जून को होगी ‘प्रथम पूजा’

श्राइन बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 29 जून 2026 को पारंपरिक ‘प्रथम पूजा’ आयोजित की जाएगी। हालांकि, आम श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू होने की वास्तविक तिथि की घोषणा जल्द ही उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले बोर्ड की बैठक के बाद की जाएगी। जानकारों का मानना है कि पूजा के तुरंत बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह से यात्रा शुरू हो सकती है।

🏕️ इन प्रमुख पड़ावों पर सजेगी रसोइयां

अमरनाथ यात्रा के दोनों पारंपरिक मार्गों—बालटाल (गांदरबल) और पहलगाम (अनंतनाग)—पर लगभग 120 से 125 लंगर लगाने की अनुमति दी जाती है। मुख्य पड़ाव जहां श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी:

  1. पहलगाम और चंदनवाड़ी (बेस कैंप और शुरुआती पॉइंट)

  2. शेषनाग और पंजतरणी (पड़ाव और ऊंचाई वाले क्षेत्र)

  3. पवित्र गुफा (अंतिम गंतव्य)

  4. बालटाल (छोटा और सीधा मार्ग)

सुरक्षा और RFID अपडेट: matribhumisamachar.com/amarnath-yatra-security-rules

⚠️ नियम और सुरक्षा: क्या होगा खास?

इस वर्ष सुरक्षा और स्वच्छता (Sanitation) पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

  • RFID टैगिंग: पिछली बार की तरह, इस साल भी हर यात्री और वाहन को RFID टैग से ट्रैक किया जाएगा।

  • स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHC): यात्रा पंजीकरण के लिए बोर्ड द्वारा अधिकृत डॉक्टरों से जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Compulsory Health Certificate) आवश्यक होगा।

  • कचरा प्रबंधन: लंगर संगठनों को प्लास्टिक मुक्त और शून्य कचरा (Zero Waste) नीति का पालन करना होगा।

जम्मू-कश्मीर की अन्य खबरें: matribhumisamachar.com/jammu-kashmir-news

📱 यात्री पंजीकरण (Registration) कब से?

सूत्रों के अनुसार, अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह से ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होने की संभावना है। यात्री पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक की शाखाओं के साथ-साथ आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।

महत्वपूर्ण टिप: यदि आप पहली बार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अभी से रोजाना 4-5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास शुरू कर दें, क्योंकि यह यात्रा शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है।

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