गाजा. पिछले महीने की 18 तारीख को इजरायल ने गाजा पट्टी में एक बार फिर हमला बोल दिया है. दो महीने तक चले सीज फायर को इजरायली फोर्स से खत्म कर दिया. पहले हमले में ही 200 के करीब लोगों के मारे जाने की खबर आई. सीज फायर तोड़ने के पीछे की वजह रही कि बंधकों के वापसी के दूसरे चरण पर हमास ने आनाकनी शुरू तक दी थी. इजरायली सेना तीन तरफ से यानी जमीन, हवा और संमदर के रास्ते लगातार हमास के ठिकानों पर हमले कर रही है. IDF के प्रवक्ता बीजी एफी डेफ्रिन ने फिर से शुरू किए गए आपरेशन पर जानकारी साझा की. इसमें बताया गया कि 600 आतंकी टार्गेट पर हमले किए गए. इन हमलों में 250 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया गया. इनमें एक दर्जन हमास के राजनीतिक दल के बड़े लीडर शामिल है. पहले ही दिन 60 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया गया. एफी डेफ्रिन का कहना है कि हम अपने प्लान के मुताबिक ही अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रहे है. यह ऑपरेशन तभी रुकेंगे जब हमारे बंधको छोड़ा नहीं जाता
59 बंधक अब भी हमास के कब्जे में
7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1200 के करीब इजरायली नागरिकों की मौत हो गई थी. 251 लोगों को हमास बंधक बनाकर अपने साथ गाजा पट्टी ले गए थे. अब भी 59 बंधक हमास के कब्जे में है. बंधकों की रिहाई को लेकर ही हमास के साथ सीजफायर हुआ था. सीज फायर टूटा भी इस बात को लेकर. पहले चरण में हमास ने 33 बंधकों को छोड़ा. उसके बदले में इजरायल ने 1900 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ दिया. पहला चरण 1 मार्च को पूरा हो गया था. लेकिन दूसरे चरण पर बात आगे बढ़ी ही नहीं. हमास ने बातचीत में अपनी नई डिमांड रख दी. दूसरे चरण में हमास चाहता था कि जब तक पूरी इजरायली सेना गाजा से वापस जानी शुरू ना कर दे तब तक एक भी बंधकों को नहीं छोड़ेंगे .
नोवा पार्टी अटैक पर रिपोर्ट जारी
हमास के हमले के बाद कई जांच कमटी का गठन किया गया. हर पहलू पर जांच कर उसकी रिपोर्ट भी साझा की जा रही है. इजरायल की मीडिया के मुताबिक नोवा म्यूजिक फेस्टिवल को IDF मंजूरी दी थी लेकिन इस बारे में गाजा इजरायल बॉर्डर पर तैनात सैनिकों को जानकारी नहीं दी गई थी.7 अक्टूबर को 100 हमास के आतंकियों ने नोवा पार्टी में जमकर कत्लेआम मचाया था.मिलिट्री जांच रिपोर्ट के मुताबिक उस पार्टी में 3000 लोग मौजूद थे जिसमें 400 स्टाफ और 75 निहत्थे सुरक्षाकर्मी शामिल थे. इनमें से 344 आम नागरिक और 34 सुरक्षाकर्मियों को मार दिया गया था.जब्कि 44 को अगवा कर गाजा ले जाया गया था. रिपोर्ट तो यह भी कह रही है कि हमसा को भी उस फेस्टिवल के बारे में नहीं पता था.IDF के चेन ऑफ कमांड को इस फेस्टिवल की जानकारी जरूर थी लेकिन इसके पास के यूनिट को सूचित नहीं किया गया था. जांच रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि 7 अक्टूबर को कुल 40 जगह हमसा के साथ लड़ाई लड़ी जा रही थी. तकरीबन 5600 हमास के आतंकियों ने बॉर्डर पार कर एक साथ कई इलकों में इजरायली नागरिकों को मारा. नोवा पार्टी से जिन 44 लोगों को अगवा किया गाया था उनमें 17 अभी भी उनके कब्जे में है जिनमें 11 जिन्दा है तो बाकी 6 का शव उनके पास है. जिन 27 बंधकों को वापस लौटाया गया है उनमें 14 जिंदा थे बाकी 13 शव इजरायल को वापस किए गए थे.
साभार : न्यूज18
भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं
Matribhumisamachar


