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काशी विश्वनाथ धाम में अब ‘काल’ की अचूक गणना: CM योगी को मिली उज्जैन की वैदिक घड़ी, जानें क्यों है यह खास

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वाराणसी | 05 अप्रैल, 2026

धर्म की नगरी काशी और महाकाल की नगरी उज्जैन का एक बार फिर ऐतिहासिक संगम हुआ है। वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में अब श्रद्धालुओं को केवल घड़ी के कांटे ही नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार ‘समय की आत्मा’ के दर्शन होंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विशेष ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ भेंट की है, जिसे मंदिर के मुख्य परिसर (शंकराचार्य चौक) में स्थापित कर दिया गया है।

🕒 उज्जैन के बाद अब काशी में ‘समय’ का नया स्वरूप

उज्जैन में दुनिया की पहली वैदिक घड़ी की सफलता के बाद, अब बाबा विश्वनाथ की नगरी में इसकी स्थापना की गई है। यह घड़ी 3 अप्रैल 2026 को वाराणसी के BLW ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के उद्घाटन अवसर पर भेंट की गई।

🌟 वैदिक घड़ी की 5 बड़ी विशेषताएं जो इसे बनाती हैं ‘सुपर क्लॉक’

यह केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता डिजिटल पंचांग है:

  1. 30 घंटों का दिन: यह घड़ी सूर्योदय से सूर्योदय तक के समय को 30 भागों (मुहूर्त) में बांटती है। इसका एक घंटा (ISD के अनुसार) 48 मिनट का होता है।

  2. सटीक पंचांग डेटा: श्रद्धालु स्क्रीन पर विक्रम संवत, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और भद्रा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देख सकेंगे।

  3. खगोलीय और मौसम विज्ञान: यह घड़ी सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के साथ-साथ ग्रहों की स्थिति, तापमान, आर्द्रता और हवा की गति का रियल-टाइम डेटा भी प्रदर्शित करती है।

  4. मुहूर्त की जानकारी: ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल जैसी सूचनाएं अब भक्तों को डिजिटल स्क्रीन पर स्पष्ट दिखाई देंगी।

  5. इंटरनेट कनेक्टिविटी: यह घड़ी पूरी तरह से डिजिटल है और मोबाइल ऐप के माध्यम से दुनिया भर के समय (IST और GMT) से भी तालमेल बिठाती है।

🏛️ काशी-उज्जैन का सांस्कृतिक सेतु

इस घड़ी की स्थापना के पीछे का उद्देश्य भारतीय काल-गणना पद्धति को वैश्विक स्तर पर पुनर्स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा:

“उज्जैन काल-गणना की धरती है और बनारस पंचांग की। इन दोनों का मिलन सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है।”

📍 श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण

काशी विश्वनाथ धाम के शंकराचार्य चौक में लगी यह डिजिटल घड़ी अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इससे भक्तों को धार्मिक अनुष्ठानों और दर्शन के सही समय को समझने में काफी मदद मिलेगी।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • किसने भेंट की: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

  • किसे भेंट की: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

  • स्थान: काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी (शंकराचार्य चौक)।

  • तकनीक: इंटरनेट आधारित, पंचांग और खगोलीय गणना युक्त।

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