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जम्मू-कश्मीर की जेलों पर आतंकवादी हमले का अलर्ट

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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हिंदू पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की जांच कर रही एनआईए को कई अहम सुराग मिल रहे हैं. उन्हें सूचना मिली है कि राज्य के हाई प्रोफाइल आतंकवादियों और उनके पनाहगारों को जिन जेलों में कैद रखा गया है वहां आतंकी हमले का खतरा है. खुफिया सूत्रों ने यह चेतावनी दी है. श्रीनगर की सेंट्रल जेल और जम्मू की कोट भलवाल जेल पर सबसे ज्यादा हमले की आशंका जताई गई है. यह चेतावनी 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरण घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद आई है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पहलगाम हमले की जांच कर रही है. इस सिलसिले में NIA ने कोट भलवाल जेल में बंद आतंकवादियों के दो सहयोगियों निसार और मुश्ताक से पूछताछ की. ये दोनों 2023 में भारतीय सेना के वाहन पर हुए हमले में शामिल थे. खुफिया सूत्रों के मुताबिक पहलगाम से पहले आतंकी श्रीनगर में हमले की योजना बना रहे थे. पहलगाम में हमले की कोई पूर्व चेतावनी नहीं मिली थी.

जेलों की सुरक्षा बढ़ाई गई

इस खतरे को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक आरएस भट्टी ने रविवार को श्रीनगर में सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में जम्मू-कश्मीर की जेलों की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से CISF को सौंपा गया था. इस बैठक का मकसद जेलों की सुरक्षा को और मजबूत करना था. खुफिया सूत्रों ने चेतावनी दी है कि आतंकी इन जेलों को निशाना बना सकते हैं, क्योंकि यहां कई खतरनाक आतंकी और उनके सहयोगी बंद हैं.

सूत्रों के अनुसार पहलगाम से पहले श्रीनगर में 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान हमला होना था. लेकिन खराब मौसम के कारण पीएम की यात्रा रद्द होने पर आतंकवादियों ने पहलगाम को निशाना बनाया. इस हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिनमें आतंकियों की क्रूरता साफ दिखती है. जांच में पता चला कि हमले में लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों का हाथ था.

आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई

पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हुई. NIA और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कई संदिग्धों और आतंकी सहयोगियों से पूछताछ की. हमले में शामिल संदिग्ध आतंकियों के घरों को भी ढहा दिया गया. पुलिस ने श्रीनगर और अन्य इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है, ताकि आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके.

भारत-पाकिस्तान तनाव

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए. इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और अटारी सीमा को बंद करना शामिल है. जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और भारत के साथ सभी समझौतों को रद्द कर दिया. दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव भी बढ़ गया है. पाकिस्तान बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है.

साभार : न्यूज18

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