लोड हो रहा है...

निर्वाचक नामावली में अपडेट होने के 15 दिनों के भीतर निर्वाचकों को एपिक प्राप्त हो जाएंगे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

निर्वाचकों को निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (एपिक) का तेजी से वितरण सुनिश्चित करने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एक नई मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) प्रारंभ की है, जिससे निर्वाचक नामावली में किए गए किसी भी अपडेट के 15 दिनों के भीतर एपिक का वितरण संभव हो सकेगा, जिसमें किसी निर्वाचक का नया नामांकन या मौजूदा निर्वाचक के विवरण में किया गया कोई भी बदलाव शामिल रहेगा। यह पहल निर्वाचकों की सुविधा के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे विभिन्न उपायों के अनुरूप है जिनकी परिकल्पना मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर की गई है।

यह नई प्रणाली निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा एपिक तैयार करने से लेकर डाक विभाग (डीओपी) के माध्यम से निर्वाचक को एपिक के वितरण तक प्रत्येक चरण की तत्क्षण (real-time) ट्रैकिंग सुनिश्चित करेगी। निर्वाचकों को प्रत्येक चरण में एसएमएस के माध्यम से सूचनाएं भी प्राप्त होंगी, जिससे उन्हें अपने एपिक की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहेगी।

इस उद्देश्य के लिए, आयोग ने अपने हाल ही में लॉन्च किए गए ईसीआई-नेट प्लेटफ़ॉर्म पर एक प्रतिबद्ध (dedicated) आईटी मॉड्यूल पेश किया है। यह नया आईटी प्लेटफ़ॉर्म मौजूदा सिस्टम को नए सिरे से तैयार करके और वर्कफ़्लो को सुव्यवस्थित करके मौजूदा प्रक्रिया का स्थान लेगा। निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के लिए डाक विभाग के एप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफ़ेस (एपीआई) को ईसीआई-नेट के साथ एकीकृत किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य डेटा की सुरक्षा कायम रखते हुए सेवा वितरण को उन्नत बनाना है।

अपने सभी निर्वाचकों को त्वरित और कुशल चुनावी सेवाएं प्रदान करना आयोग का मुख्य फोकस क्षेत्र है। यह स्मरणीय है कि पिछले चार महीनों में, आयोग ने निर्वाचकों और अन्य हितधारकों के लाभ के लिए अनेक पहलें की हैं।

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।