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गूगल को भारत में बंद करना पड़ेगा डिफॉल्ट में टीवी और प्ले स्टोर इंस्टाल करना

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मुंबई. स्‍मार्टटीवी खरीदते वक्‍त आपने भी दुकानदार से यह सुना होगा कि यह गूगल टीवी है यानी Google Android TV ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर चलता है। इन दिनों ज्‍यादातर स्‍मार्टटीवी ब्रैंड जैसे- सोनी, पैनासॉनिक, फ‍िलिप्‍स, मोटोरोला, नोकिया, टीसीएल या हाइसेंस के स्‍मार्टटीवी में गूगल एंड्रॉयड टीवी दिया जाता है। अब यह दूर की कौड़ी हो सकती है। भारत में गूगल को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्टों के अनुसार, देश में अब गूगल, अपने एंड्रॉयड टीवी सिस्‍टम को डिफॉल्‍ट रूप से नहीं चला पाएगा। गूगल प्‍ले स्‍टोर भी स्‍मार्ट टीवी में डिफॉल्‍ट ऐप स्‍टोर नहीं होगा। भारत के कॉम्पिटिशन कमीशन ने यह फैसला दिया है। गूगल को भारत के स्‍मार्ट टीवी मार्केट में “अनुचित प्रतिस्पर्धा” का दोषी पाया गया है।

गूगल पर क्‍या आरोप साबित हुए

कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि गूगल ने अपने ऑपरेटिंग सिस्‍टम और गूगल प्‍ले स्‍टोर जैसे ऐप्‍स को पहले से स्‍मार्ट टीवी में इंस्‍टॉल करके अपनी ताकत का गलत इस्‍तेमाल किया है। जांच में यह भी सामने आया कि गूगल ने ऐसे तरीके अपनाए जो छोटी कंपनियों की राह में रोड़ा सकते हैं। बहुत सारी छोटी कंपनियां स्‍मार्ट टीवी के लिए ओएस सिस्‍टम बनाना चाहती हैं, लेकिन गूगल का दबदबा उनकी राह में आ रहा है।

फैसले के बाद गूगल का कदम

गूगल ने अब एक समझौता का प्रस्‍ताव रखा है। अब वह भारत में एंड्रॉयड स्‍मार्ट टीवी के लिए अलग लाइसेंसी देगी। गूगल प्‍ले स्‍टोर और प्‍ले सर्विसेज जिन्‍हें पहले फ्री में इंस्‍टॉल किया जा सकता था, उनके लिए अब पैसा लगेगा। कंपनी उन सभी पार्टनर्स को भी लेटर भेजेगी जो गूगल टीवी बेचते हैं। लेटर में गूगल को यह बताना होगा कि कंपनियां अब गूगल ओएस का इस्‍तेमाल करने के लिए बंधी हुई नहीं हैं। वह ओपन-सोर्स ओएस भी यूज कर सकती हैं।

नया स्‍मार्ट टीवी खरीद रहे हैं तो ध्‍यान रखें

ऐसे लोग जो आने वाले दिनों में नया स्‍मार्ट टीवी खरीदेंगे, उन्‍हें कुछ बातों का ख्‍याल रखना होगा। लोगों को यह पहले से पता करना होगा कि कौन सी कंपनी गूगल ओएस वाला टीवी बेच रही है। हो सकता है जो ब्रैंड पहले गूगल एंड्रॉयड टीवी बेचता हो, उसके टीवी में कोई और ओएस इंस्‍टॉल मिले जैसे- एमेजॉन का फायरटीवी।

जुर्माना भी लगाया गया गूगल पर

रिपोर्टों के अनुसार, कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ने इस मामले में गूगल पर 20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। नए फैसले से यूजर्स को इस बात का विशेष ध्‍यान रखना होगा कि वह जो टीवी ले रहे हैं, उसमें कौन सा ऑपरेटिंग सिस्‍टम है। याद रहे कि गूगल एंड्रॉयड ओएस और फायरटीवी ओएस में सबसे ज्‍यादा ऐप्‍स ऑफर किए जाते हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

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