नई दिल्ली. मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य टकराव को देखते हुए भारत सरकार ने वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं। क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों के बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में एक ‘विशेष कंट्रोल रूम’ स्थापित किया है।
आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी
विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी देशों में फंसे या संकट का सामना कर रहे भारतीय नागरिक किसी भी समय मदद के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
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टोल-फ्री नंबर: 1800118797
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लैंडलाइन नंबर: +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905
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सक्रियता: यह कंट्रोल रूम प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कार्य करेगा।
दशकों का सबसे गंभीर संकट
हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद स्थिति बेकाबू होती दिख रही है। जवाबी कार्रवाई में ईरान द्वारा कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की दिशा में दागे गए मिसाइलों और ड्रोनों ने क्षेत्र में दहशत पैदा कर दी है। कई देशों को अपना एयरस्पेस बंद करना पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच यह पिछले कई दशकों का सबसे गंभीर सैन्य टकराव है, जो एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
सरकार की प्राथमिकता: नागरिकों की सुरक्षा
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में 28 फरवरी को ईरान में हुए एयर स्ट्राइक के बाद की स्थिति की समीक्षा की गई। सरकारी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों की संख्या बहुत अधिक है, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
सावधानी की सलाह:
विदेश मंत्रालय ने इन देशों में रह रहे भारतीयों को स्थानीय दूतावासों के संपर्क में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
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