वाशिंगटन | रविवार, 26 अप्रैल 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (25 अप्रैल 2026) को एक नाटकीय फैसले में पाकिस्तान जाने वाले उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को अंतिम समय में रोक दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जारेड कुशनर शामिल थे, जिन्हें ईरान के साथ तनाव कम करने के लिए इस्लामाबाद में वार्ता करनी थी।
18 घंटे की उड़ान सिर्फ बातचीत के लिए नहीं
Fox News को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने दूतों को पाकिस्तान रवाना होने से ठीक पहले रुकने का आदेश दिया। ट्रंप ने कहा:
“मैंने अपने लोगों से कहा कि वे जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन मैंने मना कर दिया। आप वहां 18 घंटे की उड़ान भरकर सिर्फ इसलिए नहीं जाओगे कि वहां बैठकर किसी ऐसी चीज पर बात की जाए जिसका कोई ठोस आधार न हो।”
ईरान पर डाला बातचीत का दबाव
ट्रंप ने अपनी ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका के पास ‘सारे पत्ते’ (Cards) हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब गेंद ईरान के पाले में है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा:
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नेतृत्व में भ्रम: ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सत्ता में भारी भ्रम और अंदरूनी संघर्ष है, जिससे यह तय करना मुश्किल है कि वहां असली निर्णय कौन ले रहा है।
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सीधा संदेश: ट्रंप ने कहा, “अगर वे बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बस हमें कॉल करना होगा।”
पाकिस्तान की मध्यस्थता को झटका
यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पिछले कई हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची पहले से ही बातचीत के लिए इस्लामाबाद में मौजूद थे, लेकिन ट्रंप के फैसले के बाद वह वापस लौट गए।
क्या है ताजा स्थिति?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम ईरान से और अधिक रियायतें लेने की एक रणनीति हो सकती है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि दौरा रद्द करने के 10 मिनट के भीतर ही ईरान की ओर से एक “बेहतर प्रस्ताव” मिला था, लेकिन वह अभी भी और स्पष्टता चाहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य (Fact Check)
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भ्रम: कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि ट्रंप खुद पाकिस्तान जा रहे हैं।
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सुधार: राष्ट्रपति ट्रंप खुद नहीं, बल्कि उनका प्रतिनिधिमंडल (विटकॉफ और कुशनर) जा रहा था। ट्रंप ने वाशिंगटन से ही इस यात्रा को रद्द किया।
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ईरान का रुख: ईरान ने अभी तक अमेरिका के साथ सीधी वार्ता की पुष्टि नहीं की थी, उनका कहना था कि वे पाकिस्तान के माध्यम से संदेश साझा करेंगे।
Matribhumisamachar


