गुरुवार, सितंबर 10 2026 | 09:42:39 AM

आम आदमी पार्टी के दिल्ली में 13 पार्षदों ने छोड़ी पार्टी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत शुरू हो गयी है। आप के 13 पार्षदों ने एक साथ पार्टी का दामन छोड़ दिया है। ये दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। MCD में थर्ड फ्रंट बनाने का दावा करते हुए इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी नाम से नई पार्टी बनाने की घोषणा भी की गई है। आम आदमी पार्टी के पार्षद मुकेश गोयल इस नई पार्टी के नेता होंगे। मुकेश गोयल का दावा है कि उनके साथ 15 पार्षद शामिल हैं और आप के 15 पार्षदों ने पार्टी से बगावत करते हुए एक नया राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की है। इस नए दल का नाम ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ रखा गया है, जिसकी कमान वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल संभालेंगे। मुकेश गोयल ने 15 पार्षदों के पार्टी छोड़ने का दावा किया है लेकिन फिलहाल 13 पार्षदों ने ही पार्टी का साथ छोड़ा है।

इस वजह से नाराज हैं पार्षद

पार्षदों का कहना है कि 2022 में निगम चुनाव जीतकर AAP सत्ता में तो आ गई, लेकिन पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नगर निगम को सही तरीके से नहीं चला पाया। पार्षदों के अनुसार, नेतृत्व और पार्षदों के बीच संवाद की भारी कमी रही, जिसकी वजह से पार्टी ने अपना जनाधार खो दिया और निगम में विपक्ष में जा बैठी। अब खबर ये है कि मुकेश गोयल को आम आदमी पार्टी ने नगर निगम में नेता विपक्ष नहीं बनाया। इससे मुकेश गोयल नाराज चल रहे थे। आप ने मुकेश गोयल की जगह अंकुश नारंग को नेता विपक्ष बनाया था। बता दें कि मुकेश गोयल पहले कांग्रेस में थे, फिर आप में शामिल हुए। बीते विधानसभा चुनाव में मुकेश गोयल को आप ने आदर्श नगर से अपना प्रत्याशी भी बनाया था। लेकिन मुकेश गोयल विधानसभा चुनाव हार गए थे।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।