नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से टेलीफोन पर 11 दिनों के भीतर तीसरी बार विस्तृत चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर लगा प्रतिबंध और उससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाला असर रहा।
1. हॉर्मुज संकट और तेल की कीमतों में उछाल
संघर्ष शुरू होने के बाद से हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल व्यापार का मुख्य मार्ग है, प्रभावी रूप से बाधित हो गया है।
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कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें $120 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं।
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शिपिंग में देरी: मुख्य शिपिंग कंपनियों (जैसे Maersk और Hapag-Lloyd) ने इस मार्ग से परिचालन निलंबित कर दिया है, जिससे माल ढुलाई का खर्च (Freight Cost) बढ़ गया है।
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गैस आपूर्ति पर असर: कतर से आने वाली LNG सप्लाई भी इस मार्ग के अवरुद्ध होने से प्रभावित हुई है।
2. भारत सरकार के सख्त कदम: LPG पर नया नियम
संभावित आपूर्ति संकट को देखते हुए भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं:
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घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता: सभी रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलपीजी (LPG) उत्पादन को अधिकतम करें। पेट्रोकेमिकल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रोपेन और ब्यूटेन को अब अनिवार्य रूप से रसोई गैस बनाने में डायवर्ट किया जा रहा है।
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बुकिंग अंतराल में बदलाव: जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल (Inter-booking period) लागू कर दिया है। पहले यह 21 दिन था।
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कमर्शियल सप्लाई पर पाबंदी: होटलों और रेस्टोरेंट को मिलने वाली कमर्शियल गैस की आपूर्ति में कटौती की गई है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं (Households) को किल्लत न हो।
3. भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा: ‘ऑपरेशन इवैक्युएशन’
संसद में दिए बयान के अनुसार, जयशंकर ने बताया कि अब तक लगभग 67,000 भारतीयों को संघर्ष वाले क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। पश्चिम एशिया में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
4. कूटनीतिक रुख: संवाद ही समाधान
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी पक्ष का समर्थन करने के बजाय ‘संवाद और कूटनीति’ (Dialogue and Diplomacy) के पक्ष में है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिसरी को ईरानी दूतावास भेजकर कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
महत्वपूर्ण तथ्य: भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिसमें से 60% से अधिक हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘महंगाई बम’ साबित हो सकता है।
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